मुझे डर खुद ही से लगता है!
ये दुनिया मुझे क्या डराएगी?
दुनिया से मुझे डर नहीं लगता है,
मुझे डर खुद ही से लगता है!
मुझे इस बात का डर है कि,
एक शैतान मेरे भीतर भी बैठा है,
कहीं वह जाग न जाए कभी,
बस यही सोचकर दिल थरथराता है!
मुझे डर खुद ही से लगता है!
~ याज्ञिक रावल ✍🏻
(8/4/25)