ज़िंदगी की इस जंग में… ज़िंदगी की इस जंग में, हार मुझे मंजूर नहीं। कैद की जो परिभाषा है, वो कमजोरी मुझे मंजूर नहीं। मैं जीतूँ या हारूँ इस जंग में, किसी का सहकार मुझे म…
कवि और पत्नी का संवाद कवि और पत्नी का संवाद कवि - तेरे वास्ते फ़लक से मैं चाँद लाऊँगा! पत्नी - मोबाइल का रिचार्ज करना भी मुश्किल है, चाँद तक जाने का फ्यूल कहाँ से लाओगे? कव…
मुझे डर खुद ही से लगता है! मुझे डर खुद ही से लगता है! ये दुनिया मुझे क्या डराएगी? दुनिया से मुझे डर नहीं लगता है, मुझे डर खुद ही से लगता है! मुझे इस बात का डर है कि, एक शैतान म…
रावण दहन । सिर्फ रावण का ही क्यों हो दहन, क्या भूल गए तुम दुशासन ? भरी सभा में छीना था नारी का सम्मान, क्या भूल गए तुम द्रौपदी का अपमान ? हैं कई रावण, दुशासन जै…
क्या करे ये दिल बेचारा ! शीर्षक - क्या करे ये दिल बेचारा ! जब किसी लड़की को देखा था, दिमाग ने दिल को संदेश भेजा था । दिल ने उसके साथ नाता जोड़ा, एक दिन उसने वो नाता तोड़ा। कस…
साल गुज़रते रहे ! साल गुज़रते रहे ! वक्त चलता रहा, हम आगे बढ़ते रहे । साल गुज़रते रहे ! रास्ते खोजते हुए, मुश्किलों से निपटते हुए, हम आगे बढ़ते रहे ! साल गुज़रते…
छोटा सा सब… एक बच्चा मन ही मन सोच रहा था, और वो गुनगुना रहा था। नन्हा सा मैं, छोटी सी दुनिया, छोटा सा घर, छोटी सी चिड़िया! छोटा सा प्लेन, छोटी सी ट्रेन, छोटी स…
ए जिंदगी ! मुश्किलों से सीखा कैसे निपटना , आग से सीखा है कैसे लिपटना । पुस्तकों से सीखा कैसे प्रेम करना, और उस प्रेम के प्रवाह में कैसे बह जाना ! सुख …