कवि और पत्नी का संवाद

कवि और पत्नी का संवाद


कवि- तेरे वास्ते फ़लक से मैं चाँद लाऊँगा!

पत्नी- मोबाइल का रिचार्ज करना भी मुश्किल है, चाँद तक जाने का फ्यूल कहाँ से लाओगे?

कवि- अरे मैं साइकिल से चला जाऊँगा!

पत्नी- चाँद पर पहुँच गए वो मुझे कैसे पता चलेगा?

कवि- अरे मैं इंस्टाग्राम पे मेंशन कर दूँगा!

पत्नी- मैं तो सूरज पर जाऊँगी!

कवि- सूरज पर बाद में जाना, पहले चाय लेकर आओ।

पत्नी- चाँद को बाद में लाना, पहले शक्कर ले आओ।

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